नकल (सूचनार्थ) और ई-हस्ताक्षरित नकल मे क्या अंतर होता है

अपना खाता पोर्टल पर जमाबंदी नकल निकालने के वक्त आपको दो विकल्प दिए जाते है | जिसमे नकल (सूचनार्थ) और ई-हस्ताक्षरित नकल होती है | इन दोनों का इस्तेमाल अलग अलग वक्त पर किया जाता है | तो चलिए जानते है इन दोनो नक़ल में क्या अंतर है |

नकल (सूचनार्थ) –

नकल (सूचनार्थ) एक साधारण नक़ल होती है | जिसमे जमीन की संपूर्ण जानकारी होती है | इस साधारण नक़ल में पटवारी के हस्ताक्षर नहीं होते | इस कारण आप इस नक़ल का इस्तेमाल किसी भी सरकारी काम के लिए नहीं कर सकते |

लेक़िन इस नक़ल का उपयोग केवल जानकारी हेतु आप कर सकते है | नकल (सूचनार्थ) निकालने के लिए आपको कोई भी शुल्क नहीं देना होता है | यह नक़ल मुफ्त में उपलब्ध है |

ई-हस्ताक्षरित नकल –

ई-हस्ताक्षरित नकल पर लेखपाल के डिजिटल यानि की इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर होती है | यह नक़ल भी जमीन की जानकारी दर्शाती है | ई-हस्ताक्षर होने के कारण आप इस नक़ल का इस्तेमाल किसी भी अधिकृत और सरकारी काम के लिए कर सकते है |

जैसे की ज़मीन खरीदते या बेचते वक़्त, बैंक से लोन लेते वक़्त और किसी अन्य काम के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है | इस नक़ल की प्रतिलिपी निकालने के लिये आपको १० रु शुल्क देना होता है |


दोनो भी नक़ल का इस्तेमाल आप अपने जरुरत के अनुसार कर सकते है | अपना खाता पोर्टल पर आप दोनो जमाबंदी नकल की प्रतिलिपी आप निकाल सकते है | अगर आपको ऑनलाइन नक़ल निकालने में परेशानी हो रही है |

या फिर आपके जमीन की नक़ल ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है तो आप अपने जमीन के लेखपाल यानि पटवारी के पास जाकर नक़ल प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकते है | आवेदन करने के बाद पटवारी आपको जमाबंदी नक़ल दे देता है |

जमाबंदी नक़ल देखे

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